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Wednesday, April 16, 2014

BATAO MAI KAUN HOON (PAHELIYAN)



 गर्मी में तुम मुझको खाते,

 मुझको पीना हरदम चाहते,

 मुझसे प्यार बहुत करते हो,

 पर भाप बनूँ तो डरते भी हो।



 तुम न बुलाओ मैं आ जाऊँगी,

 न भाड़ा न किराया दूँगी,

 घर के हर कमरे में रहूँगी,

 पकड़ न मुझको तुम पाओगे,

 मेरे बिन तुम न रह पाओगे,

 बताओ मैं कौन हूँ?

REVISE SANGYA

  1. नीचे लिखे उदाहरणों को पढ़कर संज्ञा की सही परिभाषा छांटिये:
    सुधा गाती है। (व्यक्ति)
    मेज़ पर किताब रखी है। (वस्तु)
    दिल्ली बहुत बड़ा शहर है। (स्थान)
    इस आम में तो बड़ी मिठास है! (भाव)
    1. किसी शब्द में स्थान व भाव अच्छा लगना संज्ञा है।
    2. किसी व्यक्ति को कुछ बताने वाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं।
    3. किसी व्यक्ति का किसी स्थान पर कोई वस्तु ले जाना बताने वाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं।
    4. किसी प्राणी, वस्तु, स्थान या भाव के नाम वाले शब्दों को संज्ञा कहते हैं।
  2. इस परिभाषा को पढ़ कर अनुमान लगाइए कि नीचे दिये वाक्यों में व्यक्तिवाचक संज्ञा कौन सी हैं:
    vyaktivaachak sangya
    1. कृष्ण और सुदामा की मित्रता को सब जानते हैं।
    2. हिमालय पर्वत राज है ।
    3. ताजमहल आगरा में है।
    4. महात्मा गाँधी अमर हैं।
  3. जातिवाचक संज्ञा किसी एक प्राणी या वस्तु के बारे में न बताकर उस संपूर्ण जाति के बारे में बताती है।
    जैसे:
    चिड़िया अपना घोंसला खुद बनाती है।
    ऊपर दिये वाक्य में किसी एक चिड़िया के बारे में न बताकर सभी चिड़ियों के बारे में बताया है। इसी तरह किसी एक घोंसले के बारे में नही बल्कि उस पूरी जाति के बारे में बता रहा है। 

    ऊपर दिये उदाहरण और परिभाषा को देखते हुए नीचे दिये वाक्यों में जातिवाचक संज्ञा छांटिये:
    1. पक्षी चहचहा रहे हैं।
    2. घोड़ा घास खाता है।
    3. विद्यालय में अध्यापक पढ़ाते हैं।
    4. यह बालक कहाँ से आया?
    5. नदी का पानी बहुत ठंडा है।
  4. निम्नलिखित शब्दों में से भाववाचक संज्ञा पर रंग भरिये:
    bhaavvaachak sangya
  5. नीचे दिये अनुच्छेद को पढ़कर उसमें से संज्ञा छांट कर उन्हे, उनके प्रकार के अनुसार अलग-अलग कीजिए:
    tajmahal
    मानस को बचपन से ही ताजमहल देखने की इच्छा है। उसने उसकी संगमरमर की दीवारों पर की गई नक्काशी के बारे में बहुत पढ़ा है। वह अगले महीने अपने साथियों के साथ उसे देखने आगरा जाएगा। ताजमहल आगरा में यमुना नदी के किनारे बना है। उसे शहनशाह शाहजहाँ ने अपनी बेगम मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। आगरा की तो मिठाई भी बहुत प्रसिद्ध है । वहाँ का हलवा भी बहुत मज़ेदार होता है। वह आते हुए सबके लिये वहाँ से मिठाई लायेगा।
    जातिवाचकव्यक्तिवाचकभाववाचक